शिकागो | अमेरिका के शिकागो शहर में जैन समुदाय की गरिमा और विरासत को समर्पित जैन कन्वेंशन 2025 का शुभारंभ पूज्य आचार्य लोकेश मुनि जी के मंगलपाठ के साथ अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल जैन धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का माध्यम बना, बल्कि अमेरिका और कनाडा में रहने वाले जैन समुदाय को एक सूत्र में बांधने वाला अद्वितीय क्षण भी साबित हुआ।
🔸 मंगलपाठ से हुआ उद्घाटन पूज्य आचार्य लोकेश मुनि जी ने अपने पावन स्वर से मंगलपाठ करते हुए कन्वेंशन का शुभारंभ किया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
🧘 साध्वियों का पावन सान्निध्य साध्वी शिलापी, समण श्रुतप्रज्ञ, समणी प्रतिभा प्रज्ञा, पुण्य प्रज्ञा, आर्जव प्रज्ञा और स्वाती प्रज्ञा के सान्निध्य ने कार्यक्रम को और भी पावन बना दिया।
🕊️ 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति शिकागो के इस आयोजन में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इसे भव्य और ऐतिहासिक बना दिया।
👥 प्रमुख गणमान्यजनों की सहभागिता कन्वेंशन के कन्विनर अतुल शाह, प्रेसिडेंट बिंदेश शाह, महासंघपति और संघपति सहित कई विशिष्टजनों की उपस्थिति रही।
🕉️ जैन धर्म के मूल्यों पर बल आचार्य लोकेश मुनि जी ने अपने उद्बोधन में अहिंसा, शांति और सौहार्द के जैन सिद्धांतों की महत्ता को वैश्विक दृष्टिकोण से समझाया।
🌊 श्रद्धा का महासागर उपस्थित श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति लहरों की भांति उमड़ता रहा, जो जैन धर्म के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की श्रृंखला यह कन्वेंशन अमेरिका और कनाडा में जैन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, कैलिफोर्निया, ओटावा और वैंकूवर में भी आयोजित किया जाएगा।
🏛️ भारतीय दूतावास में विशेष व्याख्यान भारतीय दूतावास में आचार्य लोकेश मुनि जी का व्याख्यान कन्वेंशन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
🤝 सामाजिक और सांस्कृतिक एकता कन्वेंशन ने आध्यात्मिकता के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संवाद को भी नया आयाम दिया।
📣 विश्व मंच पर जैन धर्म की प्रतिष्ठा यह आयोजन जैन धर्म के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने और विश्व शांति के संदेश को फैलाने में मील का पत्थर बनेगा।
शिकागो में आयोजित जैन कन्वेंशन 2025 एक अद्वितीय अध्यात्मिक और सांस्कृतिक संगम बनकर उभरा है। पूज्य आचार्य लोकेशजी के सान्निध्य में यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बना, बल्कि जैन धर्म की विश्वव्यापी प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाइयों तक ले गया। यह कन्वेंशन आने वाले वर्षों में वैश्विक जैन समुदाय के लिए दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित होगा।
Source : ETV Bharat

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