मैसूरु-जैन कनेक्ट संवाददाता |
शिक्षा के क्षेत्र में समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए भारतीय जैन संघटना (BJS), मैसूरु चैप्टर ने अपने ‘विद्यादान प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई कर रहे छात्रों को लगभग 250 पुस्तकें दान कीं। यह पहल उन छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के बावजूद अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए संघर्षरत हैं।
👇 यहां पढ़ें इस प्रेरणादायी सेवा अभियान के मुख्य बिंदु :
📚 विद्यादान प्रोजेक्ट की अनूठी पहल BJS मैसूरु द्वारा संचालित ‘विद्यादान प्रोजेक्ट’ के तहत विभिन्न वर्गों के छात्रों के लिए पुराने पाठ्यपुस्तकों का संकलन व वितरण किया जा रहा है।
📖 250 पुस्तकें सीए छात्रों को समर्पित इस बार लगभग 250 पुस्तकें विशेष रूप से CA की पढ़ाई कर रहे छात्रों को दान की गईं।
🏛️ संस्थान में किया गया वितरण पुस्तकों का वितरण ICAI (The Institute of Chartered Accountants of India), मैसूरु शाखा में किया गया।
🤝 प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति इस अवसर पर ICAI के एडमिनिस्ट्रेटर मैरी ऐन, प्रदीप और सुरेश ने पुस्तकों को ग्रहण किया।
👨💼 संघटना के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में BJS मैसूरु के अध्यक्ष राजन बाघमार, प्रोजेक्ट चेयरमैन एम. अमित कुमार चौहान, चीफ सेक्रेटरी बी.के. दीपक कुमार जैन, कोषाध्यक्ष पी. मनोहर संखला व सीए बी. उमेदराज जैन उपस्थित थे।
🔄 पुरानी पुस्तकों का सदुपयोग 1st PUC और उससे ऊपर के सफल छात्रों से प्राप्त की गई पुरानी पुस्तकों का उपयोग नए छात्रों के लिए किया गया।
🎓 2,500 से अधिक पुस्तकें पहले भी वितरित अब तक BJS मैसूरु ने PUC, कॉमर्स और साइंस स्टूडेंट्स को 2,500 से अधिक किताबें वितरित की हैं।
💡 शिक्षा की पहुंच को सरल बनाना उद्देश्य विद्यादान परियोजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को पढ़ाई में सहयोग देना है।
🌱 छात्रों के भविष्य को संवारने की मुहिम यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
🙌 समाजसेवा के नए प्रतिमान स्थापित BJS की इस मुहिम ने शिक्षा के क्षेत्र में समाजसेवा का नया आदर्श प्रस्तुत किया है।
इस तरह, भारतीय जैन संघटना की यह पहल न केवल शिक्षार्थियों के लिए सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि समाज में ज्ञान का संवाहक बनकर दूसरों को भी प्रेरित कर रही है।

Leave a Reply