पेरिस | भारतीय वास्तुकला, सांस्कृतिक प्रतीकों और फैशन के मेल से बना दृश्य तब देखने को मिला जब पेरिस के प्रतिष्ठित सेंटर पोम्पीदू में लुई वीटॉन के स्प्रिंग-समर 2026 पुरुष फैशन शो का आयोजन हुआ। इस शो की परिकल्पना फैशन आइकन फैरेल विलियम्स और भारत के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट बिजॉय जैन ने मिलकर की। इस बार शो का सेट भारतीय खेल ‘सांप-सीढ़ी’ की प्रेरणा से बना था, जिसने भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर बेहद अनूठे ढंग से प्रस्तुत किया।
🧠 भारतीय खेल ‘सांप-सीढ़ी’ बनी शो की थीम 2,000 वर्ष पुराने भारतीय खेल ‘सांप-सीढ़ी’ के बोर्ड को रैंप का रूप दिया गया, जिससे जीवन की अवसर और जोखिम की यात्रा को दर्शाया गया।
🎨 बिजॉय जैन की अद्भुत आर्किटेक्चरल परिकल्पना स्टूडियो मुंबई के बिजॉय जैन ने लकड़ी, कच्चे रंगों और मिट्टी के लेप से पारंपरिक भारतीय स्पर्श के साथ सेट को जीवंत बनाया।
🎭 खिलाड़ियों में बदले दर्शक और मॉडल रैंप पर चलते मॉडल और दर्शक खुद को एक अद्भुत जीवन-यात्रा में भागीदार महसूस कर रहे थे—मानो वे सांप-सीढ़ी के खिलाड़ी हों।
🐍 पाँच हाथ से बने सांपों का प्रतीकात्मक प्रयोग टर्कॉइस, नारंगी और हरे जैसे फ्लोरेसेंट रंगों से बने सांप अवसरों और जोखिमों के बीच के संतुलन का प्रतीक थे।
🪵 लकड़ी और प्राकृतिक रंगों से बनी जीवनदर्शी संरचना रैंप की पूरी संरचना को जलभूरा मिट्टी और कच्चे चूने व जेसो की मदद से सजाया गया, जो भारतीय हस्तकला की महत्ता दर्शाती है।
🌌 ‘कॉस्मिक डायग्राम’ के रूप में दृश्य की रचना जैन के अनुसार, यह सांप-सीढ़ी केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक ‘कॉस्मिक मंडल’ है, जिसमें हर व्यक्ति की आध्यात्मिक चढ़ाई निहित है।
🕴️ फैरेल विलियम्स की फैशन दृष्टि क्रिएटिव डायरेक्टर फैरेल विलियम्स ने इस आयोजन को भारतीय शिल्पकला और वैश्विक फैशन के संगम के रूप में देखा।
🧵 भारतीय परिधान कला का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा कलेक्शन में मुलायम कट, जीवंत रंग और पारंपरिक कपड़ों ने आधुनिक भारतीय फैशन को वैश्विक मंच पर स्थापित किया।
🧘♂️ ‘पूर्ण अनिश्चितता’ में सृजन की प्रेरणा बिजॉय जैन ने कहा कि “सबसे अच्छा काम वही होता है जिसे आप पहले सोच भी नहीं सकते थे। यह रचना उसी ‘न जानने’ की अवस्था से उत्पन्न हुई।”
🌍 भारतीय दर्शन और पश्चिमी मंच का विलक्षण संगम यह फैशन शो एक जीवंत उदाहरण था कि कैसे भारतीय सांस्कृतिक प्रतीक और आधुनिक फैशन विश्व स्तर पर प्रभावशाली बनते जा रहे हैं।
इस रचनात्मक आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय परंपराएं और दर्शन न केवल कला और वास्तु में बल्कि फैशन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी विश्व को मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। सांप-सीढ़ी के खेल के माध्यम से जीवन की ऊंचाइयों और गिरावटों को जिस तरह इस शो में प्रस्तुत किया गया, वह वैश्विक फैशन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।
Source : Architectural Digest

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