रायपुर में चातुर्मास की तैयारियाँ शुरू, बच्चों ने ली धर्म आराधना की शपथ

रायपुर – जैन कनेक्ट संवाददाता | राजधानी रायपुर स्थित श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर और चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी में आज प्रातःकालीन वातावरण भक्ति और संकल्प की भावना से सराबोर हो गया। बच्चों ने आगामी चातुर्मास में धर्म आराधना में पूर्ण रूप से जुड़ने का निश्चय किया और पूर्वाभ्यास के रूप में जिनपूजन तथा गुरुवंदना का अभ्यास किया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद और महासचिव महेन्द्र कोचर ने जानकारी दी कि इस वर्ष 9 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है, जिसकी जैन धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्ता है। चातुर्मास के चार पवित्र महीनों में साधु-साध्वियाँ एक ही नगर में रहकर साधना करते हैं और समाज को धर्म से जोड़ते हैं। इस बार रायपुर में विभिन्न स्थानों पर चार अलग-अलग गुरुभगवंतों के सान्निध्य में चातुर्मास का आयोजन होगा।

👇 प्रमुख बिंदुओं पर एक नज़र:

🧒 बच्चों ने लिया धर्म आराधना का संकल्प श्री सीमंधर स्वामी मंदिर में बच्चों ने चातुर्मास में धर्म से जुड़ने का संकल्प लेते हुए जिनपूजन और गुरुवंदना का अभ्यास किया।

📅 9 जुलाई से प्रारंभ होगा चातुर्मास शुभ दिन बुधवार से चातुर्मास की शुरुआत होगी, जो चार महीने तक चलेगा और धार्मिक गतिविधियों से समाज को जोड़ने का माध्यम बनेगा।

🏠 चार प्रमुख स्थलों पर साधु-साध्वियों का चातुर्मास एम जी रोड, विवेकानंद नगर, न्यू राजेन्द्र नगर और भैरव सोसायटी में साध्वी हँसकीर्ति श्री जी, उपाध्याय महेन्द्र सागर जी, मनीष सागर जी और प्रियदर्शी विजय जी चातुर्मास में विराजमान रहेंगे।

🙏 दादाबाड़ी में साधु-संतों के सान्निध्य का लाभ भैरव सोसायटी स्थित दादाबाड़ी में विराजमान साधुओं के सान्निध्य में बच्चों ने धर्म आराधना का निश्चय दोहराया।

📿 दादागुरुदेव इक्तिसा जाप का आयोजन 28 जुलाई से 17 अगस्त तक 21 दिवसीय इक्तिसा जाप आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु जप साधना करेंगे।

🪔 10 जुलाई को मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा गुरुओं के सम्मान और मार्गदर्शन को समर्पित यह दिन जैन समाज में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।

🌼 20 अगस्त से पर्युषण पर्व का आरंभ पर्युषण पर्व 20 अगस्त से शुरू होगा, जो आत्मशुद्धि और तपस्या का पर्व माना जाता है।

🎉 24 अगस्त को मनाया जाएगा महावीर जन्मवांचन भगवान महावीर के जन्म के शुभ अवसर पर विशेष पूजन और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

📜 27 अगस्त को संवत्सरी महापर्व पश्चाताप और क्षमा का दिन, संवत्सरी, जैन धर्म का सबसे पवित्र पर्व होता है, जो आत्ममंथन का अवसर देता है।

🧘 संतों का सान्निध्य बना प्रेरणा का स्रोत संतों की उपस्थिति और उनके प्रवचन बच्चों और युवाओं को धर्म की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

रायपुर जैन समाज ने चातुर्मास की तैयारियों के साथ भक्ति और सेवा का वातावरण तैयार कर लिया है। छोटे-छोटे बच्चे जिस लगन और श्रद्धा से धर्म आराधना की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वह समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

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