हिमांशु जैन को एनसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली – जैन कनेक्ट संवाददाता | भारत सरकार ने वरिष्ठ आईआरएसएसई अधिकारी हिमांशु जैन को नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL), सिंगरौली के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की स्वीकृति प्रदान की है। वर्तमान में वे साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), बिलासपुर में मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। यह नियुक्ति 19 मई 2025 से छह माह अथवा नियमित सीवीओ की नियुक्ति तक, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगी।

📜 सरकारी आदेश से नियुक्ति कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 10 जून 2025 के आदेशानुसार यह अतिरिक्त प्रभार कोयला मंत्रालय के प्रस्ताव पर स्वीकृत किया गया।

🔁 दोहरी जिम्मेदारी की शुरुआत हिमांशु जैन अब SECL के साथ-साथ NCL में भी सीवीओ की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिससे सतर्कता तंत्र को मजबूती मिलेगी।

🧑‍💼 अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी 2008 बैच के IRSSE अधिकारी जैन को प्रशासनिक और सतर्कता कार्यों में गहरा अनुभव है, जो नई जिम्मेदारी में सहायक होगा।

🎓 तकनीकी योग्यता में दक्षता हिमांशु जैन ने NIT रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन में स्नातक और IIT बॉम्बे से माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स VLSI में परास्नातक किया है।

🚆 रेलवे सेवा से करियर की शुरुआत 2007 में UPSC की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा पास कर भारतीय रेलवे सेवा में शामिल हुए और SECR ज़ोन में कार्यभार संभाला।

🏢 प्रमुख प्रशासनिक पदों पर कार्य बिलासपुर मंडल में महाप्रबंधक सचिवालय में विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया, जिनमें सीपीआरओ और सचिव का कार्य भी शामिल है।

🏆 राष्ट्रीय रेलवे पुरस्कार से सम्मानित उत्कृष्ट सेवा के लिए वर्ष 2016 में हिमांशु जैन को प्रतिष्ठित नेशनल रेलवे अवार्ड प्रदान किया गया।

🌏 जापान में उच्च गति रेलवे प्रशिक्षण उन्होंने JICA जापान में हाई स्पीड रेलवे ऑपरेशंस पर अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है।

📈 कोल इंडिया की दो प्रमुख इकाइयों में नेतृत्व SECL और NCL जैसे कोल इंडिया की महत्वपूर्ण सहायक कंपनियों में सतर्कता की निगरानी अब जैन की देखरेख में होगी।

🛡️ सतर्कता प्रणाली को नई दिशा उनकी नियुक्ति से कोयला उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में और प्रगति की अपेक्षा की जा रही है।

हिमांशु जैन की यह नियुक्ति उनके व्यापक अनुभव और दक्षता का प्रमाण है। उनकी सतर्क निगरानी से दोनों कोलफील्ड्स में पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही को नया बल मिलेगा।

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