केकड़ी – जैन कनेक्ट संवाददाता | जैनाचार्य विजयराज जी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी, नवदीक्षिता संथारा साधिका महासती मंगलप्रिया जी म.सा. का सोमवार देर रात को पावन महाप्रयाण हो गया। इस दु:खद समाचार से जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को भव्य महाप्रयाण यात्रा के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। पूरा शहर साध्वीजी की स्मृतियों से भावविभोर रहा और स्थानक भवन से लेकर मुक्ति स्थल तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
🙏 धार्मिक साध्वी का महाप्रयाण महासती मंगलप्रिया जी म.सा. का सोमवार देर रात महाप्रयाण हुआ, जिससे संपूर्ण जैन समाज में शोक व्याप्त हो गया।
🚩 भव्य महाप्रयाण यात्रा स्थानक भवन से प्रारंभ हुई यात्रा सब्जी मंडी, सदर बाजार, घंटाघर, देवगांव गेट होते हुए मुक्ति स्थल तक पहुंची।
🕊️ पार्थिव देह को दी गई मुखाग्नि मुक्ति स्थल पर साध्वीजी के पुत्र विमल कुमार, महेन्द्र कुमार और नवरतन मल नौलखा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
📿 णमोकार मंत्र की गूंज स्थानक भवन में बैकुण्ठी तक साध्वीजी की पार्थिव देह के साथ णमोकार मंत्र का जाप निरंतर चलता रहा।
🌸 गुणानुवाद सभा का आयोजन संत कौशल मुनि व महासती राजश्री जी म.सा. के सान्निध्य में आयोजित सभा में साध्वीजी के तप और जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला गया।
👣 श्रद्धालुओं ने किए अंतिम दर्शन महाप्रयाण यात्रा से पहले बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने स्थानक भवन में उनके दर्शन कर अंतिम विदाई दी।
📢 जैन धर्म के जयकारों से गूंजा मार्ग महाप्रयाण यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने “जैन धर्म की जय” के नारे लगाते हुए यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
🚪 प्रतिष्ठान रहे बंद ओसवाल जैन समाज के अधिकांश प्रतिष्ठान इस अवसर पर श्रद्धांजलि स्वरूप बंद रखे गए।
🤝 संघ पदाधिकारी और समाजजन रहे उपस्थित अनेक संघ पदाधिकारी व समाज के गणमान्य नागरिक महाप्रयाण में शामिल होकर साध्वीजी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
🌍 अन्य नगरों से भी उमड़ी भीड़ ब्यावर, बिजयनगर, सरवाड़, सूरत, चित्तौड़गढ़ सहित कई शहरों से श्रद्धालु अंतिम दर्शन हेतु पहुंचे।
साध्वी मंगलप्रिया जी म.सा. का जीवन संयम, साधना और समर्पण का प्रतीक रहा। उनके महाप्रयाण से समाज को गहरा आध्यात्मिक क्षति हुई है, परंतु उनका तपस्वी जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

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