मांडू – जैन कनेक्ट संवाददाता | मंगलवार को मांडू के नालछा ब्लॉक स्थित दिगंबर जैन क्षेत्र छोटा महावीर कागदीपुरा में आध्यात्मिक वातावरण अपने चरम पर पहुंच गया जब आचार्य विराग सागर जी की संगति में उपाध्याय विश्रुत सागर जी और मुनि निर्वेग सागर जी ने मंदिर में पधार कर दर्शन दिए। उनके आगमन से जैन समाज और नगरवासियों में विशेष उल्लास देखा गया। पूजन-अर्चन, भक्ति संगीत और धर्मसभा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने संतों से प्रेरणा ग्रहण की।
🌸 संतों का भव्य स्वागत श्रद्धालुओं ने रंगोली सजाकर और चरण वंदना कर आचार्य व मुनियों का आत्मीय स्वागत किया।
🏛️ मंदिर में दर्शन-अर्चना संतों ने छोटा महावीर कागदीपुरा स्थित मंदिर में दर्शन कर धार्मिक ऊर्जा का संचार किया।
🍚 आहार चर्या का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश गंगवाल के निवास पर संतों की आहार चर्या संपन्न हुई, जिसमें निर्मला काला ने संयोजन किया।
🪔 धर्मसभा में मिला जीवन संदेश उपाध्याय विश्रुत सागर जी ने संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण पर जोर देते हुए श्रोताओं को सत्य पथ पर चलने की प्रेरणा दी।
🕊️ विश्व शांति की प्रार्थना संतों ने धर्मसभा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से विश्व शांति के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
🎶 भक्ति संगीत से गूंजा नगर संतों के स्वागत में भक्ति गीतों की गूंज ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
🏞️ मांडू को बताया धार्मिक नगरी संतों ने मांडू को तप, साधना और शांति का केंद्र बताया और नगर की धार्मिक पहचान की सराहना की।
💡 सच्ची संतुष्टि पर बल संतों ने बताया कि भौतिक सुख क्षणिक हैं, जबकि आत्मिक संतुष्टि ही जीवन की सच्ची उपलब्धि है।
👨👩👧👦 समाजजन की गरिमामयी उपस्थिति विनय छाबड़ा, अजीत छाबड़ा, दिलीप गंगवाल, महिला मंडल की चेतना छाबड़ा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
🙏 गंगवाल परिवार को मिला पुण्य लाभ संतों की आहार चर्या का पुण्य लाभ सुरेश गंगवाल परिवार को मिला, जिससे पूरे परिवार में उल्लास का माहौल रहा।
संतों के आगमन से मांडू का वातावरण दिव्यता और शांति से भर गया। धर्मसभा में दिए गए संयम और आत्मकल्याण के संदेश ने श्रद्धालुओं को आंतरिक रूप से जागरूक किया और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने सभी को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

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