मधुबन – जैन कनेक्ट संवाददाता | विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ सम्मेद शिखर की पावन भूमि पर शनिवार को श्रुतपंचमी महाव्रत हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस विशेष पर्व पर जैन समाज मधुबन, जैन महिला मंडल, बालिका मंडल, शिखरजी युवा क्लब और पारस ज्योति मंडल के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मां जिनवाणी की महिमा के स्मरण में भव्य जुलूस, शास्त्र पूजन और संतों के प्रवचन सहित अनेक धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालु, मुनिगण और आर्यिकाएं उपस्थित रहीं।
🔸 📚 श्रुतपंचमी पर्व का आयोजन मधुबन में श्रुतपंचमी महाव्रत को अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया गया, जो जैन धर्म के पवित्रतम पर्वों में से एक माना जाता है।
🔸 👨👩👧👦 समूहों की सक्रिय भागीदारी जैन महिला मंडल, बालिका मंडल, शिखरजी युवा क्लब व पारस ज्योति मंडल सहित मधुबन समाज के सभी वर्गों ने मिलकर पर्व को भव्य रूप दिया।
🔸 🔱 मुनि संघ का पावन सान्निध्य मुनिश्री समता सागर जी, पूज्य सागर जी, पवित्र सागर जी, अतुल सागर जी सहित आर्यिका 105 गुरुमति माता जी एवं द्रढ़मति माता जी ससंघ उपस्थित रहे।
🔸 🎺 गाजे-बाजे के साथ जुलूस सुबह सात बजे गुणायतन से संतों का जत्था जुलूस के रूप में अनिंदा पारसनाथ पहुंचा, जहां श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो उठे।
🔸 🏛️ भव्य पालकी यात्रा मां जिनवाणी की सुसज्जित पालकी को विमल समाधि होते हुए श्री दिगंबर जैन 13 पंथी कोठी तक ले जाया गया।
🔸 🛁 पाद प्रक्षालन और अभिषेक संतों के पाद प्रक्षालन और जिनेंद्र भगवान का अभिषेक किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया।
🔸 📖 शास्त्र पूजन और भेंट श्रद्धा और सम्मान के साथ जिनवाणी शास्त्रों की पूजा की गई और उन्हें संतों को भेंट किया गया।
🔸 🪷 प्रवचन से आत्मज्ञान का संचार निर्यापक मुनि समता सागर जी ने जिनवाणी की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए आत्मकल्याण के मार्ग को सहज रूप से बताया।
🔸 🙏 श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति कार्यक्रम में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म आराधना में हिस्सा लिया और जिनवाणी माता की आराधना की।
🔸 🕊️ धार्मिक उत्सव में समरसता की झलक पूरे आयोजन में भक्तिभाव, अनुशासन और समाज की एकजुटता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
श्रुतपंचमी महाव्रत के इस आयोजन ने सम्मेद शिखर की पवित्र धरा को भक्तिरस से भर दिया। संतों का सान्निध्य, जिनवाणी माता की भव्य पालकी और श्रद्धालुओं की भक्ति भावना ने इसे एक अविस्मरणीय पर्व बना दिया।

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