जैन मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भक्ति रस में झूमे श्रद्धालु

अलवर–जैन कनेक्ट संवाददाता | कट्ठी घाटी, अलवर स्थित रिद्धि सिद्धि शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिनालय एवं राज राजेंद्र सूरी जैन गुरू मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन धार्मिक उल्लास और भक्ति की बयार बह रही थी। शनिवार को जिनालय में नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जहां संगीतमय वातावरण में श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। शहनाई की मधुर धुनों और मंगल ध्वनियों ने आयोजन को यादगार बना दिया।

🔸 🎶 शुभारंभ शहनाई की मधुर धुनों से बिजनौर से आई शहनाई और बैंड पार्टी ने समारोह का उद्घाटन सुरमयी अंदाज़ में किया, जिसने सभी को भावविभोर कर दिया।

🔸 🌸 मुख्यद्वार पर मंगल तोरण और केसर छापों से श्रृंगार जिनालय के प्रवेश द्वार को केसर-कुमकुम के शुभ छापों से सजाया गया और मंगल तोरण बांधा गया, जिससे शुभता का वातावरण बना।

🔸 🪔 प्रभु का प्रथम मुख दर्शन कांस्य पात्र में कांस्य पात्र में घृत भरकर भगवान का प्रथम दर्शन कराया गया, जो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

🔸 🌾 सवा लाख अक्षत्रों से स्वास्तिक आलेखन सवा लाख अक्षत्रों का उपयोग कर पारंपरिक स्वास्तिक चिन्ह बनाया गया, जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक है।

🔸 🍬 माणक मोदकों का चढ़ावा भगवान पार्श्वनाथ, गौतम स्वामी और गुरुदेव राजेंद्र सूरी को भक्तों द्वारा माणक मोदक अर्पित किए गए।

🔸 💰 स्वर्ण-रजत मुद्राएं अर्पित करने वालों की उपस्थिति सोने और चांदी की मुद्राएं अर्पण करने वाले लाभार्थी परिवार सहित आयोजन में उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।

🔸 🗣️ पूजन बोलियों में श्रद्धा की झलक पूजन के लिए बोलियां लगाई गईं, जिसमें श्रद्धालुओं की धर्मनिष्ठा और उत्साह की झलक स्पष्ट रूप से दिखी।

🔸 📜 विधिकारक विद्वानों की विशेष उपस्थिति मध्यप्रदेश के हेमंत कुमार वेद मुथा और गुजरात के अनिल हरण लिंबडी ने विधियों का संचालन कर आयोजन को विधिपूर्वक संपन्न कराया।

🔸 🎤 भजन संध्या में डूबे श्रद्धालु मन मधुकर म्यूजिकल ग्रुप नागदा द्वारा प्रस्तुत संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे, पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया।

🔸 🙏 गुरुवर्या डा. प्रियदर्शना व सुदर्शना का मार्गदर्शन पूरे महोत्सव का आयोजन गुरुवर्या डा. प्रियदर्शना व सुदर्शना जी के सान्निध्य में हो रहा है, जिनका आशीर्वाद सभी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के इस चरण ने जैन धर्म की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समृद्धि को भव्य रूप में प्रदर्शित किया। रविवार को जिनालय एवं गुरु मंदिर का द्वारोत्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है।

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