मुरैना में दस दिवसीय जैन शिक्षण शिविरों का शुभारंभ

मुरैना – जैन कनेक्ट संवाददाता | धर्मनगरी मुरैना में अध्यात्म और ज्ञान का संगम एक बार फिर देखने को मिल रहा है। श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर एवं श्री गोपाल दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय में 25 मई से 3 जून तक आयोजित हो रहे श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों का शुभारंभ विधिपूर्वक किया गया। इस अवसर पर जैन मुनि विलोक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “ज्ञान की आराधना ही आत्मकल्याण का मार्ग है।”

उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से न केवल धार्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी होता है।

📚 प्रस्तुत हैं इस आयोजन की प्रमुख झलकियाँ:

📖 शिविरों के माध्यम से ज्ञान की साधना निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज की प्रेरणा से शुरू हुए शिविरों में बच्चों को जैन संस्कृति, नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक धर्म का शिक्षण दिया जा रहा है।

🌞 ग्रीष्मकालीन अवकाश में संस्कारों की पाठशाला सांगानेर स्थित श्रमण संस्कृति संस्थान द्वारा देश-विदेश में आयोजित ये शिविर, बच्चों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का सुनहरा अवसर हैं।

🏛️ शुभारंभ अवसर पर विशेष आयोजन वरिष्ठ अधिवक्ता करन सिंह और योगेंद्र जैन ने ध्वजारोहण, पदमचंद सिद्धार्थ जैन ने चित्र अनावरण और प्रेमचंद पंकज जैन ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

🪔 मंगल कलश एवं मां जिनवाणी की स्थापना स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा मंगल कलश और मां जिनवाणी की स्थापना की गई, जिससे शिविर का वातावरण धर्ममय हो गया।

🧘‍♂️ धर्मसभा में जीवन मूल्यों का संदेश मुनि विलोक सागर महाराज ने वर्तमान युग में भारतीय संस्कृति को बचाने और बच्चों में नैतिक चेतना जागृत करने का आह्वान किया।

📚 श्रुति पंचमी पर्व की भव्य तैयारी 31 मई को ज्ञान आराधना का पर्व श्रुति पंचमी धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें नगर में जिनवाणी शोभायात्रा निकाली जाएगी।

🎉 शोभायात्रा में होगी नगर परिक्रमा जिनवाणी को चांदी की पालकी में विराजित कर बैंड-बाजों के साथ नगर भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगा।

👑 पारंपरिक परिधान में सहभागिता महिला मंडल केसरिया साड़ी में, पुरुष श्वेत वस्त्रों में, और छात्र विशेष परिधान में शोभायात्रा में भाग लेंगे।

📝 शास्त्रों की पूजा व महत्त्व का संदेश शास्त्रों की सफाई, पूजन और लेखन उपकरणों की आराधना के माध्यम से सही ज्ञान की प्राप्ति हेतु मार्गदर्शन की प्रार्थना की जाएगी।

🌍 धर्म का प्रचार-प्रसार ही उद्देश्य श्रुति पंचमी के माध्यम से जैन धर्म के अनुयायी ज्ञान की गंगा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लेंगे।

मुरैना में चल रहे ये शिक्षण शिविर न केवल बच्चों के लिए धार्मिक ज्ञान का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि समाज को पुनः अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मिक उन्नति की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं। श्रुति पंचमी का पर्व इस माहौल को और पावन बना रहा है, जिसमें धर्म और ज्ञान दोनों की आराधना होगी।

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