शांतिनाथ भगवान के त्रिविध कल्याणक पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

रायपुर–जैन कनेक्ट संवाददाता | रायपुर के आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में सोमवार, 26 मई को 16वें तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। प्रभु के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा और दिनभर धार्मिक गतिविधियों की श्रृंखला से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

🔸 📿 पाण्डुक शिला पर प्रतिष्ठा सुबह 8:30 बजे पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष शांतिनाथ भगवान की पाण्डुक शिला पर प्रतिष्ठा की गई, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।

🔸 💧 रजत कलशों से जलाभिषेक मंत्रोच्चार के साथ रजत कलशों से भगवान का जलाभिषेक किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक सहभागिता की।

🔸 🕊️ शांति धारा का आयोजन धार्मिक परंपरा के अनुरूप शांति धारा की गई, जिसका सौभाग्य श्रेयश जैन बालू को प्राप्त हुआ।

🔸 🗣️ मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय धीरज जैन गोधा द्वारा किए गए मंत्रोच्चार से पूरा परिसर धर्ममय वातावरण में परिवर्तित हो गया।

🔸 📖 निर्वाण कांड पाठ निर्वाण कांड का गहन पाठ किया गया, जिससे श्रद्धालु प्रभु के मोक्ष की पावन गाथा से जुड़े।

🔸 🌺 अष्टद्रव्यों से पूजन भगवान शांतिनाथ की विशेष पूजन अष्टद्रव्यों से की गई, जिसमें भक्ति व भावनाओं का सुंदर संगम देखने को मिला।

🔸 🍬 निर्वाण लड्डू अर्पण पूजन के पश्चात निर्वाण लड्डू अर्पित किए गए, जो मोक्ष कल्याणक की स्मृति को समर्पित रहे।

🔸 📜 विसर्जन पाठ की पूर्णता पूजन और पाठ के समापन पर विधिपूर्वक विसर्जन पाठ किया गया, जिससे संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण हुआ।

🔸 👥 समाजजनों की उत्साहपूर्वक भागीदारी श्रेयश जैन बालू, राजेंद्र उमाठे, प्रवीण जैन, आदेश जैन, संदीप जैन, राशु जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने उत्साह से सहभागिता की।

🔸 🙏 अध्यात्म और भक्ति का अद्भुत संगम पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म की गहराई ने सभी श्रद्धालुओं को प्रभु की ओर प्रेरित किया।

शांतिनाथ भगवान के त्रिविध कल्याणक पर्व ने श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म, संयम और आत्मकल्याण के बीज बोए। यह आयोजन जैन समाज की धार्मिक चेतना और परंपराओं की सशक्त अभिव्यक्ति बन गया।

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