बड़वाह-जैन कनेक्ट संवाददाता | स्थानीय दिगंबर जैन समाज द्वारा भगवान शांतिनाथ के त्रिविध कल्याणक — जन्म, तप और मोक्ष — का भव्य आयोजन विधिवत रूप से संपन्न किया गया। इस पावन अवसर पर अनेक धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें समाजजनों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा से भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य वैभव जैन के सानिध्य में हुआ।
🔸 👑 प्रातःकालीन अभिषेक और शांतिधारा प्रभात वेला में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक और शांतिधारा की गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
🔸 🌺 विशेष पंचकल्याणक पूजन भगवान के पंचकल्याणक के प्रतीक अर्घ्य के साथ विशेष पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
🔸 🙏 पुण्यार्जकों की सहभागिता शांतिधारा का पुण्य लाभ कीर्ति नितिन जैन, प्रशंसा कमल जैन और डॉ. एम.के. जैन को प्राप्त हुआ।
🔸 📖 निर्वाण कांड का पाठ श्रद्धालुओं द्वारा निर्वाण कांड का पाठ कर निर्वाण लाडू अर्पित किए गए।
🔸 🍬 सुमन जैन द्वारा निर्मित लाडू श्रद्धा से निर्मित निर्वाण लाडू सुमन जैन द्वारा तैयार किए गए, जिन्हें भक्तों ने प्रसाद रूप में ग्रहण किया।
🔸 🗣️ विधानाचार्य वैभव जैन का प्रवचन विधानाचार्य वैभव जैन ने शांतिनाथ भगवान के जीवन और कल्याणक प्रसंगों पर प्रकाश डाला।
🔸 👑 तीन विशिष्ट पदों के धारक भगवान शांतिनाथ 16वें तीर्थंकर, 5वें चक्रवर्ती और 12वें कामदेव के रूप में पूजित हैं।
🔸 🏰 हस्तिनापुर में हुआ दिव्य जन्म उनका जन्म हस्तिनापुर में राजा विश्वसेन और रानी एरा देवी के यहां हुआ था।
🔸 ✨ स्वर्णवर्ण शरीर और 40 धनुष ऊंचाई उनका शरीर स्वर्ण के समान दीप्तिमान था और ऊंचाई लगभग 120 मीटर (40 धनुष) थी।
🔸 🌄 सम्मेद शिखर से प्राप्त किया मोक्ष ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन सम्मेद शिखर पर उन्होंने मोक्ष प्राप्त कर परम शांति को प्राप्त किया।
यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों की स्मृति को ताजगी प्रदान करने वाला रहा। शांतिनाथ भगवान के जीवन प्रसंगों और त्रिविध कल्याणक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संयम, तप और आत्मशुद्धि की राह पर चलने की प्रेरणा दी।

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