किशनगढ़ – जैन कनेक्ट संवाददाता | किशनगढ़ के जैन भवन, सिटी रोड पर आचार्य श्रुतसागर महाराज का 38वां समाधि दिवस श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक आयोजन के साथ संपन्न हुआ। आर्यिका 105 श्रुतमती माता और आर्यिका सुबोधमती माता के सान्निध्य में यह आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर विविध धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
🕯️ समाधि दिवस का आयोजन आचार्य श्रुतसागर महाराज के 38वें समाधि दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और समर्पण के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।
🧘 आर्यिका माताओं का सान्निध्य कार्यक्रम का संचालन आर्यिका 105 श्रुतमती माता और आर्यिका सुबोधमती माता के दिव्य सान्निध्य में हुआ।
🛕 पंचामृत अभिषेक भगवान शांतिनाथ, आदिनाथ और महावीर स्वामी का पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें नौ पवित्र तत्वों का उपयोग हुआ।
📿 शांति विधान का आयोजन विधानाचार्य मनीष गोधा फागी के मार्गदर्शन में विधिवत रूप से शांति विधान संपन्न हुआ।
🖼️ चारित्र चक्रवर्ती को श्रद्धांजलि श्रद्धालुओं ने आचार्य शांति सागर महाराज के चित्र के समक्ष अष्ट द्रव्य अर्पित कर नृत्य के साथ भक्ति प्रकट की।
💃 भक्ति नृत्य और संगीतमय पूजन यशस्वी बोहरा और प्रांजुल जैन ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं मनोज जैन एंड पार्टी ने संगीतमय पूजन किया।
📚 प्रश्न मंच प्रतियोगिता आचार्य श्रुतसागर के जीवन पर आधारित प्रश्न मंच आयोजित किया गया, जिसमें विजेताओं को रजत सिक्के भेंट किए गए।
🪔 विशिष्ट जनों का सम्मान विनोद पाटनी, प्रकाश गंगवाल और संजय पापड़ीवाल ने आचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला और श्रद्धांजलि अर्पित की।
👐 पाद प्रक्षालन का सौभाग्य संजय कुमार और पुनीत कुमार पापड़ीवाल परिवार को आर्यिका श्रुतमती माता के पाद प्रक्षालन का पुण्य लाभ मिला।
🎁 धर्मदान और सेवा महावीर प्रसाद ठोल्या व कैलाश बाकलीवाल ने शास्त्र भेंट की, वहीं अन्य श्रद्धालुओं ने वस्त्र आदि भेंट किए।
यह कार्यक्रम आचार्य श्रुतसागर महाराज के महान योगदान को स्मरण करने और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का एक प्रेरणादायक अवसर बना। श्रद्धा, भक्ति और सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।

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