उदयपुर-जैन कनेक्ट संवाददाता | नवनिर्मित देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ जिनालय में आयोजित तीन दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन सोमवार को अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। मुनि श्री पुण्य सागर महाराज के पावन सानिध्य में मोक्ष कल्याणक के दिव्य आयोजन के साथ यह महोत्सव संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुनि श्री को आचार्य पद से अलंकृत किए जाने की घोषणा ने पूरे जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ा दी।
🌟 धार्मिक वैभव के साथ सम्पन्न हुआ समापन समारोह 🙏 समापन दिवस की शुरुआत प्रातः 5.30 बजे जाप्यानुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा और ज्ञान कल्याणक पूजन से हुई। सुबह की बेला में पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा रहा।
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निर्वाण कल्याणक पूजन की अलौकिक अनुभूति प्रातः 7.30 बजे विधिविधान से निर्वाण कल्याणक दृश्य, सिद्ध गुणानुरोपण एवं मोक्ष कल्याणक पूजन का आयोजन किया गया। भक्तों ने भावविभोर होकर शांतिनाथ प्रभु की स्तुति की।
🍬 भगवान को चढ़ाया गया निर्वाण लड्डू 🍮 प्रातः 10 बजे समवेत श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ को निर्वाण लड्डू चढ़ाया। जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और भावनाओं की सरिता बह चली।
🪔 विश्व शांति के लिए किया गया महायज्ञ 🔥 निर्वाण लड्डू अर्पण के उपरांत विश्व शांति महायज्ञ संपन्न हुआ जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सहभागी बने।
🎉 भव्य शोभायात्रा से गुंजायमान हुए मार्ग 🚩 शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर सेक्टर 9 के विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई पुणे मंदिर तक पहुँची, जिसमें समाजबंधु, महिलाएं एवं बालक-बालिकाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
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चातुर्मास आयोजन की हुई विनती 📜 सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से चातुर्मास 2025 का आयोजन हिरण मगरी सेक्टर 11 में करने हेतु गुरुदेव से विनती की गई और संपूर्ण समाज की भावनाएं मंच से व्यक्त की गईं।
📚 मुनि श्री का जीवनवृत्तांत हुआ प्रस्तुत 🧘♂️ राजेश देवड़ा द्वारा मुनिश्री पुण्य सागर जी का प्रेरणादायी जीवन परिचय सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।
🏆 मुनिश्री को आचार्य पद से किया गया अलंकृत 👑 समापन दिवस पर सकल जैन समाज की उपस्थिति में मुनिश्री पुण्य सागर जी को आचार्य पद प्रदान किया गया। संपूर्ण पांडाल “नमोस्तु गुरुदेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
🎁 प्रथम पिच्छी भेंट को लगी बोलियों की होड़ 💰 मुनिश्री को प्रथम पिच्छी भेंट करने हेतु श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह देखा गया। सबसे अधिक बोली लगाने का सौभाग्य सुरेश वजावत को प्राप्त हुआ।
🌼 आचार्य श्री का हुआ अष्टद्रव्य से अभिषेक 🪷 आचार्य श्री का शास्त्र भेंट, पद प्रक्षालन और अष्टद्रव्यों से अभिषेक विधिपूर्वक संपन्न हुआ। वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में भागीदारी कर उदयपुर के जैन समाज ने पुण्य अर्जित किया। मुनिश्री को आचार्य पद मिलने की घोषणा ने इस पर्व को और भी ऐतिहासिक बना दिया। समाजबंधुओं ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया और गुरुदेव के चरणों में अगला चातुर्मास आयोजित करने की भावनाएं व्यक्त कीं।

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