शाजापुर–जैन कनेक्ट संवाददाता | शाजापुर में शुक्रवार सुबह 8 बजे दिगंबर जैन संत मुनि श्री 108 विनयसागर जी महाराज का भव्य नगर प्रवेश हुआ। बैंड-बाजों, जयकारों और पुष्पवर्षा से सजी शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं के हृदयों में आध्यात्मिक उल्लास भर दिया। तीन दिन तक चलने वाले प्रवास के पहले दिन विशेष शांतिधारा, भक्ताम्बर मंडल विधान और संगीतमय पाठ ने नगरवासियों को सात्विक आनंद से सराबोर कर दिया।
🎺 शोभायात्रा में स्वागत बैंड-बाजों और जयकारों के साथ निकाली शोभायात्रा ने मुनिश्री का हर्षोल्लासपूर्ण स्वागत किया।
🛁 विशेष शांतिधारा आयोजन प्रवास के पहले दिन सुबह शांतिधारा से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें शांति और सद्भाव की कामना की गई।
📜 भक्ताम्बर मंडल विधान मधुर मंत्रोच्चारण के साथ आयोजित भक्ताम्बर मंडल विधान ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
🎶 संगीतमय पाठ का मंत्रमुग्ध स्वरूप शाम को छह घंटे तक चलने वाले संगीतमय भक्ताम्बर पाठ ने मन को मधुर रस से भर दिया।
🪔 48 दीपों से हुई आराधना एक परिवार ने 48 दीपकों की दीपमालिका से मुनिश्री की विशेष पूजा-अर्चना की।
📅 365 दिन का अनुष्ठान आरंभ मुनिश्री के प्रेरित पिछले प्रवास की याद में 7 अप्रैल से प्रतिदिन भक्ताम्बर मंडल विधान शुरू हुआ, जो एक वर्ष तक चलेगा।
🏛️ दिगंबर परंपरा का आचरण मुनि विनयसागर जी महाराज ने दिगंबर साधु-शास्त्रानुसार संयम और तप का संदेश दिया।
🙌 नगरवासियों ने लिया आशीर्वाद श्रद्धालुओं ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया और आगामी प्रवचनों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प किया।
🗓️ आने वाले दो दिनों का कार्यक्रम दूसरे दिन ध्यान सत्र एवं प्रज्ञा उपदेश, तीसरे दिन सिद्धार्थ समाधि एवं महाप्रसाद वितरण की रूपरेखा बनाई गई है।
इस प्रवास ने शाजापुर को आत्मिक ऊर्जावान बनाया और मुनि विनयसागर जी महाराज की शिक्षाओं ने एक नई धार्मिक चेतना को जन्म दिया।

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