मांगलिक आयोजनों से सराबोर हुआ संयम महोत्सव

हिण्डौन सिटी–जैन कनेक्ट संवाददाता | हिण्डौन सिटी में जैन श्वेतांबर पल्लीवाल संघ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय संयम उद्यान प्रवेश महोत्सव का आज तीसरा व अंतिम दिन विशेष भावनाओं और धार्मिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। मुमुक्षु दीपिका जैन के दीक्षा पथ पर अग्रसर होने के पूर्व नगर में भव्यातिभव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी बने। मांगलिक प्रवचनों, वर्षीदान और अन्य आयोजन के साथ यह दिन समाज में वैराग्य और संयम की मिसाल बनकर उभरा।

🌸 दीक्षा से पूर्व निकला वरघोड़ा सुबह 8 बजे मोहन नगर स्थित मंदिर से निकले वरघोड़े ने पूरे नगर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया और बाबा पैलेस तक वैराग्य की गूंज फैल गई।

🎺 गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण वरघोड़ा हॉस्पिटल रोड, मनीराम पार्क, शीतला चौराहा और चौपड़ सर्किल से होता हुआ आयोजन स्थल तक पहुंचा, जिसमें भव्य सजावट और जयकारों की गूंज रही।

🧘‍♂️ साधु-साध्वियों की गरिमामयी उपस्थिति तपस्वीरत्न पूज्य आचार्य श्री हंसरत्न सूरीश्वरजी एवं पूज्य तत्वदर्शन सूरीश्वरजी के नेतृत्व में साधु-साध्वियों की उपस्थिति ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की।

🙏 हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी हिण्डौन के अलावा अन्य नगरों से आए सैकड़ों धर्मावलंबियों ने संयम यात्रा में सहभागिता कर मुमुक्षु को शुभकामनाएं दीं।

📿 मांगलिक प्रवचनों से मन हुआ शांत आचार्य भगवंतों द्वारा दिए गए प्रवचनों में संयम, वैराग्य और जैन जीवन मूल्यों की व्याख्या ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया।

💰 काम्बली बहुराने की बोली 1.80 लाख गुरुदेव को काम्बली बहुराने की बोली श्री शिवदत्त, राहुल व रजत जैन (पटौंदा) ने 1.80 लाख रुपये में लेकर पुण्य अर्जित किया।

🌼 अष्ट मंगल दर्शन की बोलियां श्री भागचंद, सौरभ कुमार (भरतपुर), पन्नालाल हुक्मचंद (क्यारदा), शुभम जैन, राजेंद्र कुमार (शेखपुरा) सहित अनेक श्रद्धालुओं ने लाभ प्राप्त किए।

🎊 विजय तिलक का सौभाग्य दीक्षा से पूर्व मुमुक्षु दीपिका को विजय तिलक का लाभ उनके परिजनों ने लिया जबकि मुमुक्षु पुण्य को क्यारदा परिवार ने तिलक कर सम्मानित किया।

📦 वर्षीदान की घोषणा दोनों दीक्षार्थियों ने संयम जीवन की ओर बढ़ते हुए वर्षीदान कर त्याग और तप का आदर्श प्रस्तुत किया।

🍛 भोजन प्रसादी से हुई समापन की पूर्णता कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को स्नेहपूर्वक भोजन कराया गया, जिससे आयोजन सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।

तीन दिवसीय संयम उद्यान प्रवेश महोत्सव की पूर्णता मुमुक्षु दीपिका जैन के जीवन परिवर्तन की साक्षी बनी। वैराग्य, भक्ति और संयम से ओतप्रोत इस आयोजन ने हिण्डौन को आध्यात्मिक चेतना से भर दिया।

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