जैन समाज पर अत्याचार के विरोध में सौंपा गया राष्ट्रपति को ज्ञापन

शामली-जैन कनेक्ट संवाददाता | देशभर में जैन समाज पर हो रहे अत्याचारों और अनदेखी के विरोध में गुरुवार को शामली के जैन समाज पदाधिकारियों ने एकजुट होकर एडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

🔴 जैन साधु-संतों पर बढ़ते हमले ज्ञापन में मध्यप्रदेश के नीमच में जैन संत पर हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया।

💔 धार्मिक स्थलों का अपमान मुंबई के विले पार्ले में श्री जैन मंदिर को तोड़े जाने और जैन शास्त्रों के अपमान पर जताई गई तीव्र आपत्ति।

🏥 बड़ौत हादसे में अनदेखी उत्तर प्रदेश के बड़ौत में धार्मिक आयोजन में हुए हादसे में सरकार द्वारा पीड़ित जैन परिवारों की मदद न करने पर चिंता व्यक्त की।

🚨 सम्मेद शिखर पर हमला झारखंड के सम्मेद शिखर तीर्थ पर एक गर्भवती महिला सहित जैन दंपत्ति पर हमले की निंदा, तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा की मांग।

🛑 नफरत फैलाने वाले ऑडियो पर विरोध जबलपुर में भाजपा नेताओं द्वारा अपमानजनक ऑडियो वायरल करने पर कानूनी कार्रवाई की मांग।

👮 सरकार से सुरक्षा की मांग पूरे देश में जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई।

📜 मंदिर पुनर्निर्माण की मांग मुंबई में तोड़े गए मंदिर को उसी स्थान पर पुनः स्थापित करने की मांग की गई।

🗣️ कानूनी कार्रवाई की अपील ज्ञापन में समाज विरोधी तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की गई।

🧘 धर्म की गरिमा बनाए रखने का आग्रह धार्मिक स्थलों और तीर्थों की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार से संवेदनशील रुख अपनाने की अपील।

🤝 समाज की एकजुटता ज्ञापन सौंपने वालों में सचिन जैन भगतजी, मोहित जैन, आलोक जैन, अंकित जैन, नवीन जैन, पंकज जैन, शरद जैन, अनुज जैन, सुदेश जैन और अजय जैन जैसे समाजसेवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

देशभर में जैन समाज पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर जैन समाज में असंतोष गहराता जा रहा है। सरकार से अब न्याय की उम्मीद के साथ सुरक्षा और सम्मान की मांग की जा रही है।

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